चुरहटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
अजय सिंह (राहुल भैया) (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 50.2% वोट पाकर चुरहट सीट जीती और गोविन्द प्रसाद (BJP) को 13,918 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 73 सूरजपुर थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 73 मनगवाँ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अजय सिंह (राहुल भैया) | 56,27150.2% | |
| 2 | गोविन्द प्रसाद NDA | NDA | 42,35337.8% |
| 3 | सुभाष सिंह | 6,7786.0% | |
| 4 | सुखेंद्र प्रताप मिश्रा एडवोकेट निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3302.1% |
| 5 | दद्दी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5991.4% |
| 6 | अशोक AD | AD | 8440.8% |
| 7 | बुद्धसेन | 6600.6% | |
| 8 | डॉ. अनुसुइया प्रसाद शुक्ला SVSP | SVSP | 5100.5% |
| 9 | गुरु प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4600.4% |
| 10 | कीर्ति देव निर्दलीय | निर्दलीय | 3140.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और BSP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चुरहट से कौन जीता, 1977–2003
INC ने 1998 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 56.5% से घटकर 50.2% रह गया। मतदान प्रतिशत 1998 के 67.2% से बढ़कर 68.3% हो गया।