शिवपुरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 53.2% वोट पाकर शिवपुरी सीट जीती और गणेश राम गौतम (INC) को 25,734 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 26 कोलारस थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 26 पिछोर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया 21.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया NDA | NDA | 62,73353.2% |
| 2 | गणेश राम गौतम | 36,99931.4% | |
| 3 | विजय प्रताप सिंह मुन्ना राजा | 10,0318.5% | |
| 4 | हजारीलाल कोटिया (राठौर) निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9682.5% |
| 5 | सीताराम आदिवासी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6471.4% |
| 6 | अजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0170.9% |
| 7 | यशवंत सिंह | 9010.8% | |
| 8 | शफ़ीक़ अहमद (एडवोकेट) RSMD | RSMD | 8530.7% |
| 9 | नक्की निर्दलीय | निर्दलीय | 7560.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शिवपुरी से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1993 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.5% से बढ़कर 53.2% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1998 के 57.1% से बढ़कर 60.8% हो गया।
- 1977महावीर प्रसाद जैन (JNP), जीत का अंतर 25.2%
- 1980गनेशराम गौतम (INC(I)), जीत का अंतर 8.0%
- 1985गणेश राम (INC), जीत का अंतर 5.6%
- 1990सुशील बहादुर अस्थाना (IND), जीत का अंतर 19.3%
- 1993देवेन्द्र कुमार जैन (BJP), जीत का अंतर 3.6%
- 1998यशोधरा राजे सिंधिया (BJP), जीत का अंतर 7.5%
- 2003श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया (BJP), जीत का अंतर 21.8%