लहारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
डॉ. गोविन्द सिंह (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 42.9% वोट पाकर लहार सीट जीती और रमाशंकर सिंह (BSP) को 4,085 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 14 ग्वालियर थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 14 ग्वालियर ग्रामीण है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। डॉ. गोविन्द सिंह 3.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. गोविन्द सिंह | 54,63342.9% | |
| 2 | रमाशंकर सिंह | 50,54839.7% | |
| 3 | अम्बरीश शर्मा उर्फ़ गुड्डू NDA | NDA | 8,6216.8% |
| 4 | रामा शंकर चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0062.4% |
| 5 | पन्ना लाल NLP | NLP | 1,2000.9% |
| 6 | अमर सिंह कुशवाह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1500.9% |
| 7 | परमानन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 9200.7% |
| 8 | देवेंद्र सिंह (देवेन्द्र) निर्दलीय | निर्दलीय | 7780.6% |
| 9 | देवेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 7070.6% |
| 10 | रघुनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 6980.6% |
| 11 | महिपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6640.5% |
| 12 | संजय सिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 5140.4% |
| 13 | अशोक निर्दलीय | निर्दलीय | 4390.3% |
| 14 | दशरथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4080.3% |
| 15 | शैलेन्द्र सिंह पुत्र यशराम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3660.3% |
| 16 | मातृ निर्दलीय | निर्दलीय | 3480.3% |
| 17 | शैलेंद्र सिंह पुत्र दिलीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.3% |
| 18 | गजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2760.2% |
| 19 | अतर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2420.2% |
| 20 | रामकरण निर्दलीय | निर्दलीय | 2280.2% |
| 21 | गोविन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.2% |
| 22 | ओकार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1900.1% |
| 23 | उमा शंकर सिंह मुन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.1% |
| 24 | अनिल माथुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1800.1% |
| 25 | लाल बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.1% |
| 26 | शिव नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.1% |
| 27 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BSP और BJP को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लहार से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1993 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.4% से बढ़कर 42.9% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 67.3% से घटकर 66.8% रह गया।
- 1977राम शंकर सिंह (JNP), जीत का अंतर 10.1%
- 1980रमाशंकर चौधरी (INC(I)), जीत का अंतर 4.5%
- 1985मथुरा प्रसाद महंत (BJP), जीत का अंतर 14.7%
- 1990गोविन्द सिंह (JD), जीत का अंतर 17.2%
- 1993गोविन्द सिंह (INC), जीत का अंतर 8.5%
- 1998डॉ. गोविन्द सिंह (INC), जीत का अंतर 5.5%
- 2003डॉ. गोविन्द सिंह (INC), जीत का अंतर 3.2%