जबलपुर पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
अंचल सोनकर (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 45.8% वोट पाकर जबलपुर पूर्व सीट जीती और भाई लक्ष्मी बेन (INC) को 5,922 वोटों से हराया।
छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1998 में सीट नंबर 105 सरिया थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 105 बिछिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अंचल सोनकर NDA | NDA | 34,74945.8% |
| 2 | भाई लक्ष्मी बेन | 28,82738.0% | |
| 3 | सरन चौधरी प्रसाद | 6,8969.1% | |
| 4 | सोनी मास्टर NDA | NDA | 3,4134.5% |
| 5 | भाई राकेश (प्रमुख ढाई अक्षर) सोनकर निर्दलीय | निर्दलीय | 9081.2% |
| 6 | संतोष मेश्राम | 4520.6% | |
| 7 | श्रीमती रीता सिंह ग्रांवकर | 3910.5% | |
| 8 | उमा शंकर कश्यप कोरी कल्याणी संस्था निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।