हटाविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1991
आर. पटेरिया (डब्ल्यू.) (INC) ने 1991 के विधान सभा उपचुनाव में 54.2% वोट पाकर हटा सीट जीती और जी. पटेल (हरत) (BJP) को 9,015 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 55 देवतालाब थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 55 दमोह है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आर. पटेरिया (डब्ल्यू.) | 39,55154.2% | |
| 2 | जी. पटेल (हरत) | 30,53641.8% | |
| 3 | डी. दास निर्दलीय | निर्दलीय | 6070.8% |
| 4 | सेख रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 5050.7% |
| 5 | एच. सिंह | 4480.6% | |
| 6 | वी. पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 4450.6% |
| 7 | जी.आर. पटेल (ककरा) निर्दलीय | निर्दलीय | 4220.6% |
| 8 | जी. राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2980.4% |
| 9 | के.एस.एस. हजारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हटा से कौन जीता, 1977–2003
- 1977राम कृष्ण कुसमरिया (JNP), जीत का अंतर 28.3%
- 1980स्नेहसलीला हजारी (INC(I)), जीत का अंतर 14.2%
- 1985रामकृष्ण कुसमरिया (BJP), जीत का अंतर 4.3%
- 1990राम कृष्ण कश्मरिया (BJP), जीत का अंतर 14.2%
- 1993विजय सिंह (BJP), जीत का अंतर 2.1%
- 1998राजा पटैरिया (INC), जीत का अंतर 24.2%
- 2003घंगाराम पटेल (BJP), जीत का अंतर 2.1%