ब्यौहारीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
शुक्ला रामकिशोर (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 37.8% वोट पाकर ब्यौहारी सीट जीती और लवकेश सिंह (JNP) को 2,463 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 79 सीतापुर थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 79 चितरंगी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शुक्ला रामकिशोर | 17,95537.8% | |
| 2 | लवकेश सिंह जनता | जनता | 15,49232.6% |
| 3 | रामगोपाल गुप्ता | 8,81918.6% | |
| 4 | रामगोपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2164.7% |
| 5 | सत्यनारायण दुबे Lok Dal | Lok Dal | 1,3652.9% |
| 6 | बाबूलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6801.4% |
| 7 | बाबूलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5451.1% |
| 8 | अशोक कुमार पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 4210.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ब्यौहारी से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 45.9% से बढ़कर 49.4% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।