महूविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
भेरूलाल पाटीदार (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 42.1% वोट पाकर महू सीट जीती और घनश्याम सेठ पाटीधर (INC) को 1,861 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 269 खरगौन थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 269 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। भेरूलाल पाटीदार 3.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भेरूलाल पाटीदार | 20,01442.1% | |
| 2 | घनश्याम सेठ पाटीधर | 18,15338.2% | |
| 3 | रामेश्वर सोनी निर्दलीय | निर्दलीय | 7,20615.2% |
| 4 | दिनेश बिरथरे (बाबा) जनता | जनता | 1,0582.2% |
| 5 | बालकृष्ण रामरतन निर्दलीय | निर्दलीय | 5571.2% |
| 6 | बद्रीलाल भार्गव निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.4% |
| 7 | बाबूलाल ननावरे निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.4% |
| 8 | मदनलाल जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 880.2% |
| 9 | सुरेन्द्र रघुवर निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
महू से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 57.0% से घटकर 51.2% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।