उज्जैन उत्तरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
बटुक शंकर जोशी (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 54.9% वोट पाकर उज्जैन उत्तर सीट जीती और प्रकाश बोहरा (BJP) को 8,852 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 266 भीकनगांव थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 266 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बटुक शंकर जोशी 15.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बटुक शंकर जोशी | 30,60954.9% | |
| 2 | प्रकाश बोहरा | 21,75739.0% | |
| 3 | एकविदा अली सिद्दीकी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2202.2% |
| 4 | बंशीधर आजाद वाम दल | वाम दल | 9311.7% |
| 5 | गणेश धाकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 3750.7% |
| 6 | वल्लभ मम्मा जनता | जनता | 2210.4% |
| 7 | कृतार्थ चतुर्वेदी Lok Dal | Lok Dal | 1990.4% |
| 8 | नरेन्द्र गोधा निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.3% |
| 9 | शेखर वासुदेव बाजपेयी निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.3% |
| 10 | मोहम्मद युनुस लाला निर्दलीय | निर्दलीय | 930.2% |
| 11 | अब्दुल सलीम खान निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उज्जैन उत्तर से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 53.5% से बढ़कर 54.4% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।