गाडरवाराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
नगीनचंद कपूरचंद (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 47.8% वोट पाकर गाडरवारा सीट जीती और नरेन्द्र कुमार (INC) को 1,383 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 205 सौंसर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 205 अंजड़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। नगीनचंद कपूरचंद 2.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नगीनचंद कपूरचंद | 23,40947.8% | |
| 2 | नरेन्द्र कुमार | 22,02645.0% | |
| 3 | आनन्द कुमार बाबूलाल जनता | जनता | 1,3082.7% |
| 4 | जगनप्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0602.2% |
| 5 | कंछेदीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7921.6% |
| 6 | प्रीतम निर्दलीय | निर्दलीय | 3250.7% |
| 7 | बालमुकुन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 780.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और JNP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गाडरवारा से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने 1980 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.3% से घटकर 47.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 52.9% से बढ़कर 57.8% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।