धरसींवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
दौलतराम वर्मा (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 47.1% वोट पाकर धरसींवा सीट जीती और अग्रवाल श्यामसुंदर (BJP) को 3,377 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 131 जगदलपुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 131 पांढुर्ना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दौलतराम वर्मा | 24,38547.1% | |
| 2 | अग्रवाल श्यामसुंदर | 21,00840.6% | |
| 3 | बरकत उल्लाह खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1006.0% |
| 4 | कमलकान्त महानारायण Lok Dal | Lok Dal | 6961.3% |
| 5 | सुखदास निर्दलीय | निर्दलीय | 6801.3% |
| 6 | साधुराम पटेल जनता | जनता | 5691.1% |
| 7 | सुखीराम साहू सरागांव निर्दलीय | निर्दलीय | 5431.1% |
| 8 | कमलनारायण देवांगन निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.5% |
| 9 | हरि ओम दीक्षित निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.4% |
| 10 | रामेश्वर प्रसाद वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.3% |
| 11 | बालक भगवान ICS | ICS | 1620.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धरसींवा से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 64.3% से घटकर 59.6% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।