अकलतराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
राकेश कुमार सिंह (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 61.8% वोट पाकर अकलतरा सीट जीती और सतीश दीवान (JNP) को 15,694 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 120 महासमुंद थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 120 घंसौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राकेश कुमार सिंह 36.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राकेश कुमार सिंह | 26,40561.8% | |
| 2 | सतीश दीवान जनता | जनता | 10,71125.1% |
| 3 | राम गोपाल कश्यप निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3805.6% |
| 4 | रूपसाई निर्दलीय | निर्दलीय | 9542.2% |
| 5 | शील भद्र उपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 9082.1% |
| 6 | दरसराम निर्दलीय | निर्दलीय | 4641.1% |
| 7 | जयचन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 4481.1% |
| 8 | टीका राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3610.8% |
| 9 | अनूप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और JNP को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अकलतरा से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 43.2% से घटकर 41.8% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।