बिजावरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
के. नाथ (INC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 31.5% वोट पाकर बिजावर सीट जीती और वाई. सिंह (निर्दलीय) को 2,201 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में भी सीट नंबर 37 का नाम बिजावर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 37 बण्डा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. नाथ | 10,86131.5% | |
| 2 | वाई. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8,66025.1% |
| 3 | एम. एस. राम Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 5,61516.3% |
| 4 | बी. एन. प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4,83014.0% |
| 5 | जे. बी. सिंह JAC | JAC | 3,0929.0% |
| 6 | ओ. गिरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4374.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिजावर से कौन जीता, 1967–1972
इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट BJS ने जीती।
- 1967के. नाथ (INC), जीत का अंतर 6.4%
- 1972यादवेन्द्र सिंह (BJS), जीत का अंतर 17.3%