टीकमगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
जी. सिंह (INC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 54.0% वोट पाकर टीकमगढ़ सीट जीती और एस. सिंह (JAC) को 14,287 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में भी सीट नंबर 35 का नाम टीकमगढ़ था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 35 बीना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जी. सिंह 40.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जी. सिंह | 18,96054.0% | |
| 2 | एस. सिंह JAC | JAC | 4,67313.3% |
| 3 | जी. प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4,49812.8% |
| 4 | ए.एल. फणीन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6897.7% |
| 5 | डी.सी.जे. बागड़ी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2576.4% |
| 6 | यू. शंकर Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 1,0533.0% |
| 7 | के.सी. जैन वाम दल | वाम दल | 9952.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, JAC और एक निर्दलीय को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
टीकमगढ़ से कौन जीता, 1967–1972
इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1967जी. सिंह (INC), जीत का अंतर 40.7%
- 1972सरदार सिंह (INC), जीत का अंतर 29.9%