भोजपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
गुलाबचन्द (INC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 34.7% वोट पाकर भोजपुर सीट जीती और आर. कुमार (निर्दलीय) को 746 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 221 न्यू भोपाल थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 221 पांढुर्ना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। गुलाबचन्द 2.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुलाबचन्द | 10,96734.7% | |
| 2 | आर. कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 10,22132.3% |
| 3 | रामप्रसाद Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 8,77627.8% |
| 4 | नारायणदास निर्दलीय | निर्दलीय | 6532.1% |
| 5 | एस. हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 4211.3% |
| 6 | हजारीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3531.1% |
| 7 | एम. सिद्दीक निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2003 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2003 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भोजपुर से कौन जीता, 1967–1972
इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1967गुलाबचन्द (INC), जीत का अंतर 2.4%
- 1972गुलाबचन्द (INC), जीत का अंतर 0.4%