परासियाविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1963
एस. दुबे (INC) ने 1963 के विधान सभा उपचुनाव में 47.4% वोट पाकर परासिया सीट जीती और जे. शर्मा (निर्दलीय) को 4,641 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 199 तेइबथार थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 199 सिवनी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एस. दुबे 17.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. दुबे | 12,38747.4% | |
| 2 | जे. शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 7,74629.7% |
| 3 | ए.आर. फारूकी | 2,60310.0% | |
| 4 | आर.के. हलदुल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0167.7% |
| 5 | एस. पराशर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3675.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
परासिया से कौन जीता, 1962
- 1962शांति स्वरूप करताराम (IND), जीत का अंतर 28.8%