हियांगलमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
कुइद्राओम राजबापू सिंह (SOP) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 23.6% वोट पाकर हियांगलम सीट जीती और नाओरेम कन्हाई सिंह (INC) को 87 वोटों से हराया।
1972 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में कोई सीट नंबर 39 नहीं थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 39 सुगनू है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
हियांगलम का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 87 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कुइद्राओम राजबापू सिंह | 2,15423.6% | |
| 2 | नाओरेम कन्हाई सिंह कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 2,06722.6% |
| 3 | युमनाम कन्हाई सिंह वाम दल | वाम दल | 2,02722.2% |
| 4 | मैबम कुंजो सिंह MRP | MRP | 1,51516.6% |
| 5 | एलांगराम निपामचा निर्दलीय | निर्दलीय | 95410.4% |
| 6 | एलांगबम निर्गथमजाओ | 4254.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1974 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1974 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।