महाडविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1965
एस.बी. सावंत (INC) ने 1965 के विधान सभा उपचुनाव में 51.0% वोट पाकर महाड सीट जीती और पी.के. रामेश्वर (निर्दलीय) को 661 वोटों से हराया।
1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 43 विलेपार्ले है।
विजेता
महाड का फ़ैसला सिर्फ़ 2.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 661 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
2 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस.बी. सावंत | 17,02051.0% | |
| 2 | पी.के. रामेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 16,35949.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
महाड से कौन जीता, 1962
- 1962सखाराम विठोबा सालुंके (PSP), जीत का अंतर 0.0%