ताडेपल्लीगुडेमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
सी. एस. वरपरसादमूर्तिराजू (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 44.9% वोट पाकर ताडेपल्लीगुडेम सीट जीती और किलांबी वेंकट कृष्ण वताराम (KMPP) को 489 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 39 पेन्नागरम है।
विजेता
ताडेपल्लीगुडेम का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 489 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सी. एस. वरपरसादमूर्तिराजू | 19,84444.9% | |
| 2 | किलांबी वेंकट कृष्ण वताराम KMPP | KMPP | 19,35543.8% |
| 3 | केडियाला राजगोपाल राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4523.3% |
| 4 | बी. रामलिंगेश्वर राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3753.1% |
| 5 | अथुरी राघव राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2652.9% |
| 6 | रविपति वीरा रामा राव निर्दलीय | निर्दलीय | 9082.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, KMPP और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।