परवाडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
मुल्लापडी वीरभद्रम (CPI) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 25.7% वोट पाकर परवाडा सीट जीती और गोथीमुक्कला जगन्नाथ राजू (निर्दलीय) को 2,726 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 20 शोलिंगुर है।
विजेता
9.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुल्लापडी वीरभद्रम | 7,06425.7% | |
| 2 | गोथीमुक्कला जगन्नाथ राजू निर्दलीय | निर्दलीय | 4,33815.8% |
| 3 | एल. जी. अप्पलनरसिंगा राव | 3,10811.3% | |
| 4 | मंत्री नारायण राव निर्दलीय | निर्दलीय | 3,10011.3% |
| 5 | टी. नरसिंगा राव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,85710.4% |
| 6 | मंडला येर्रु नायुडु निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4248.8% |
| 7 | एटी नागय्या KLP | KLP | 2,1417.8% |
| 8 | पी. वी. राजगोपाल राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7776.5% |
| 9 | वाई. तितुपतिराव निर्दलीय | निर्दलीय | 7022.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 53% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।