शोलिंगुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
एम. सुब्रमण्य नायकर (CWP) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 36.2% वोट पाकर शोलिंगुर सीट जीती और वी. एम. रामास्वामी मुदलियार (INC) को 2,851 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 145 आथूर है।
विजेता
8.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. सुब्रमण्य नायकर CWP | CWP | 12,02836.2% |
| 2 | वी. एम. रामास्वामी मुदलियार | 9,17727.6% | |
| 3 | पेरुमल उर्फ़ नन्नया नायुडु निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7548.3% |
| 4 | एस. कृष्णस्वामी नायुडु निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4737.4% |
| 5 | बी. मनावला चौदरि निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4537.4% |
| 6 | अमावसैगन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1953.6% |
| 7 | पी. आर. रत्नवेलु नायकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1363.4% |
| 8 | तिरुवंगडा नायकर KMPP | KMPP | 1,0723.2% |
| 9 | के. ए. मुनिस्वामी मुदलियार निर्दलीय | निर्दलीय | 9742.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।