हार्बरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
कृष्ण राव (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 46.7% वोट पाकर हार्बर सीट जीती और इब्राहिम साहेब (निर्दलीय) को 10,050 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 125 कन्याकुमारी है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कृष्ण राव 22.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्ण राव | 21,31446.7% | |
| 2 | इब्राहिम साहेब निर्दलीय | निर्दलीय | 11,26424.7% |
| 3 | प्रकाशम KMPP | KMPP | 7,28716.0% |
| 4 | राजमन्नार चेट्टी FBL(RG) | FBL(RG) | 2,6985.9% |
| 5 | राजगोपालाचारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8194.0% |
| 6 | भाष्यम निर्दलीय | निर्दलीय | 6491.4% |
| 7 | परशुराम नायकर निर्दलीय | निर्दलीय | 2850.6% |
| 8 | अजीजुद्दीन साहेब निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.5% |
| 9 | षण्मुगम निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।