बंगारपेटविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 2011
ई.एम. नारायण स्वामी (BJP) ने 2011 के विधान सभा उपचुनाव में 47.0% वोट पाकर बंगारपेट सीट जीती और के.एम. नारायणस (INC) को 4,043 वोटों से हराया।
2008 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2004 में सीट नंबर 147 ब्रह्मावर थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। ई.एम. नारायण स्वामी 3.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ई.एम. नारायण स्वामी | 56,82447.0% | |
| 2 | के.एम. नारायणस | 52,78143.6% | |
| 3 | सी. वेंकटेशप | 9,2557.7% | |
| 4 | श्रीनिवास निर्दलीय | निर्दलीय | 4630.4% |
| 5 | वी.ए. मंजुनाथप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 3170.3% |
| 6 | एस.एम. कृष्ण BPP | BPP | 3160.3% |
| 7 | वी.के.ए. किट्टण्णा निर्दलीय | निर्दलीय | 3020.3% |
| 8 | जयरामप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 2390.2% |
| 9 | वी. रविकुमार | 2290.2% | |
| 10 | टी.एस. कृष्णमूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 2050.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और JD(S) को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
कोलार ज़िला · 15.4 लाख लोग · जनगणना 2011
ऑटोमोबाइल और शिवारपट्टण पत्थर शिल्प के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू85.0%
- मुस्लिम13.0%
- ईसाई1.7%
- जैन0.2%
- सिख<0.1%
- बौद्ध<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
2 प्रसिद्ध स्थानप्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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