मेंढरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
जावेद अहमद राणा (JKN) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 51.4% वोट पाकर मेंढर सीट जीती और रफीक हुसैन खान (निर्दलीय) को 7,865 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में कोई सीट नंबर 86 नहीं थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 86 Budhal है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जावेद अहमद राणा 16.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जावेद अहमद राणा | 24,53051.4% | |
| 2 | रफीक हुसैन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 16,66534.9% |
| 3 | मोहम्मद जफर-उल्लाह | 4,2999.0% | |
| 4 | माजिद अहमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2122.5% |
| 5 | मुमताज अहमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0232.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JKN, एक निर्दलीय और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मेंढर से कौन जीता, 1996–2014
JKN ने 1996 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.5% से बढ़कर 51.4% हो गया। मतदान प्रतिशत 1996 के 67.7% से घटकर 59.8% रह गया। इसके बाद 2008 के चुनाव में यह सीट JKPDP ने जीती।