दरहालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
पूरन सिंह (निर्दलीय) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 28.1% वोट पाकर दरहाल सीट जीती और च. लियाकत अली (JKN) को 217 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में कोई सीट नंबर 82 नहीं थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 82 छम्ब है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
दरहाल का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 217 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पूरन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 11,83228.1% |
| 2 | च. लियाकत अली | 11,61527.6% | |
| 3 | जुल्फकार अली निर्दलीय | निर्दलीय | 7,87018.7% |
| 4 | तसदीक़े हुसैन | 5,14612.2% | |
| 5 | अहस्सैन उल्लाह परवेज़ मलिक | 2,2855.4% | |
| 6 | मुश्ताक हुसैन | 1,1812.8% | |
| 7 | देव राज शर्मा NDA | NDA | 9112.2% |
| 8 | ज़ुलिफ़कार हुसैन | 8051.9% | |
| 9 | अब्दुल खालिक निर्दलीय | निर्दलीय | 4701.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दरहाल से कौन जीता, 1996–2014
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JKN से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1996 के 54.6% से घटकर 46.6% रह गया। इसके बाद 2008 के चुनाव में यह सीट JKPDP ने जीती।