रफियाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
मोहम्मद दिलावर मीर (JKN) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 35.0% वोट पाकर रफियाबाद सीट जीती और अब्दुल गणी वकील (INC) को 632 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 7 पट्टन थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 7 सोपोर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
रफियाबाद का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 632 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद दिलावर मीर | 11,57635.0% | |
| 2 | अब्दुल गणी वकील | 10,94433.1% | |
| 3 | जावीद अहमद दार | 7,53522.8% | |
| 4 | हरभजन सिंह दत्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1063.3% |
| 5 | मोहम्मद मकबूल वर NDA | NDA | 8292.5% |
| 6 | रंजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5741.7% |
| 7 | हाजी खालिक शेख NDA | NDA | 5081.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रफियाबाद से कौन जीता, 1996–2014
JKN ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1996 के 40.9% से बढ़कर 52.5% हो गया। इसके बाद 2008 के चुनाव में भी JKN ने यह सीट अपने पास रखी।