हीरानगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
गिरधारी लाल (INC) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 54.9% वोट पाकर हीरानगर सीट जीती और गोपाल दास (BJP) को 18,212 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 67 बसोहली थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 67 कठुआ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गिरधारी लाल 31.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गिरधारी लाल | 31,40254.9% | |
| 2 | गोपाल दास NDA | NDA | 13,19023.1% |
| 3 | प्रेम लाल | 6,25110.9% | |
| 4 | ध्यान चन्द | 2,6094.6% | |
| 5 | सागर मल | 1,4822.6% | |
| 6 | मोहिंदर पाल | 8261.4% | |
| 7 | हंस राज | 6411.1% | |
| 8 | प्रकाश चन्द | 4550.8% | |
| 9 | सत पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3590.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और JKN को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हीरानगर से कौन जीता, 1996–2014
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था। मतदान प्रतिशत लगभग 1996 जितना ही रहा: 60.1%। इसके बाद 2008 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।