बनिहालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
मौलवी अब्दुल रशीद (निर्दलीय) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 47.5% वोट पाकर बनिहाल सीट जीती और मोहम्मद फारूक मीर (JKN) को 6,674 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 56 साम्बा थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 56 गुलाबगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मौलवी अब्दुल रशीद 27.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मौलवी अब्दुल रशीद निर्दलीय | निर्दलीय | 11,39347.5% |
| 2 | मोहम्मद फारूक मीर | 4,71919.7% | |
| 3 | मोहम्मद अयूब खान | 4,28917.9% | |
| 4 | मोहम्मद यूसुफ | 1,0124.2% | |
| 5 | अब्दुल अजीज निर्दलीय | निर्दलीय | 7673.2% |
| 6 | बहार अहमद रोन्याल | 7373.1% | |
| 7 | पीर अब्दुल मजीद | 4892.0% | |
| 8 | ग़ज़नफ़र अली निर्दलीय | निर्दलीय | 4601.9% |
| 9 | जावेद अहमद शाह निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बनिहाल से कौन जीता, 1996–2014
1996 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 1996 के 51.3% से घटकर 40.5% रह गया। इसके बाद 2008 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।