लंगेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
शरीफ-उद-दीन शारीक (JKN) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 30.2% वोट पाकर लंगेट सीट जीती और एम. सुल्तान पंडितपोरी (JKPDP) को 2,400 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 5 बांदीपुरा थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 5 हंदवाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शरीफ-उद-दीन शारीक | 8,05830.2% | |
| 2 | एम. सुल्तान पंडितपोरी | 5,65821.2% | |
| 3 | मोहम्मद अमीन खान | 5,31319.9% | |
| 4 | नजीर अहमद लोन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5909.7% |
| 5 | मोहम्मद असदुल्लाह दार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3685.1% |
| 6 | मोहम्मद फारूक चीची निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1884.5% |
| 7 | अब्दुल आहाद शेख निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0183.8% |
| 8 | रियाज़ अहमद हजम निर्दलीय | निर्दलीय | 6832.6% |
| 9 | जाकिर हुसैन शेख NDA | NDA | 4221.6% |
| 10 | नरिंजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4191.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लंगेट से कौन जीता, 1996–2014
JKN ने 1996 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 61.6% से घटकर 30.2% रह गया। मतदान प्रतिशत 1996 के 38.1% से बढ़कर 54.0% हो गया। इसके बाद 2008 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।