बीरवाहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
मोहम्मद सरफराज़ खान (JKPDP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 66.0% वोट पाकर बीरवाह सीट जीती और मोहम्मद अमीन बंडे (JKN) को 11,920 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 28 पुलवामा थी। 2024 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं; इस सीट का नंबर और नाम वही रहा। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मोहम्मद सरफराज़ खान 46.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद सरफराज़ खान PDP | PDP | 16,88666.0% |
| 2 | मोहम्मद अमीन बंडे | 4,96619.4% | |
| 3 | बशीर अहमद बैग निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2745.0% |
| 4 | मोहम्मद रमजान भट्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 9833.8% |
| 5 | गुलाम मुस्तफा निर्दलीय | निर्दलीय | 9443.7% |
| 6 | गु. मोहम्मद दार | 5302.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JKPDP और JKN को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बीरवाह से कौन जीता, 1996–2024
JKPDP ने यह सीट JKN से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1996 के 69.1% से घटकर 35.1% रह गया। इसके बाद 2008 के चुनाव में भी JKPDP ने यह सीट अपने पास रखी।