करनाहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
कफील-यू.-रेहमान (JKN) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 46.0% वोट पाकर करनाह सीट जीती और मोहम्मद सिकन्दर खान (INC) को 1,988 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में भी सीट नंबर 1 का नाम करनाह था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2024 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं; इस सीट का नंबर और नाम वही रहा। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कफील-यू.-रेहमान | 8,70746.0% | |
| 2 | मोहम्मद सिकन्दर खान | 6,71935.5% | |
| 3 | अब्दुल रशीद मिरचल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,11711.2% |
| 4 | मंजूर अहमद NDA | NDA | 7494.0% |
| 5 | जहांगीर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2821.5% |
| 6 | अली हैदर निर्दलीय | निर्दलीय | 2141.1% |
| 7 | शौक़त हुसैन बैग निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JKN, INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
करनाह से कौन जीता, 1996–2024
JKN ने 1996 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 62.2% से घटकर 46.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1996 के 64.8% से बढ़कर 65.4% हो गया। इसके बाद 2008 के चुनाव में भी JKN ने यह सीट अपने पास रखी।