डलहौजीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2017
आशा कुमारी (INC) ने 2017 के विधान सभा चुनाव में 48.8% वोट पाकर डलहौजी सीट जीती और डी. एस. ठाकुर (BJP) को 556 वोटों से हराया।
2012 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2007 में सीट नंबर 4 जुब्बल-कोटखाई थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
डलहौजी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 556 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आशा कुमारी UPA | UPA | 24,22448.8% |
| 2 | डी. एस. ठाकुर | 23,66847.6% | |
| 3 | ध्यान सिंह | 7201.4% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 5691.1% |
| 4 | वीरेन्द्र शर्मा RADM | RADM | 4871.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
चंबा ज़िला · 5.2 लाख लोग · जनगणना 2011
चंबा रुमाल के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू92.4%
- मुस्लिम6.3%
- सिख0.5%
- बौद्ध0.3%
- ईसाई0.3%
- जैन<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डलहौजी से कौन जीता, 2012–2022
INC ने 2012 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.4% से घटकर 48.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 2012 के 75.8% से घटकर 74.5% रह गया। इसके बाद 2022 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।