सुलहविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1995
के. दुर्गा चन्द (INC) ने 1995 के विधान सभा उपचुनाव में 56.0% वोट पाकर सुलह सीट जीती और बी.एस. परमार (BJP) को 3,257 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 45 नगरोटा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 45 कुटलैहड़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
2 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. दुर्गा चन्द | 15,15456.0% | |
| 2 | बी.एस. परमार | 11,89744.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुलह से कौन जीता, 1977–2007
- 1977शांता कुमार (JNP), जीत का अंतर 35.1%
- 1982शांता कुमार (BJP), जीत का अंतर 15.1%
- 1985मान चन्द (INC), जीत का अंतर 2.1%
- 1990शांता कुमार (BJP), जीत का अंतर 16.1%
- 1993मान चन्द राणा (INC), जीत का अंतर 10.8%
- 1998बिपन सिंह परमार (BJP), जीत का अंतर 0.4%
- 2003जगजीवन पाल (INC), जीत का अंतर 28.9%
- 2007विपिन सिंह परमार (BJP), जीत का अंतर 2.5%