चुनाव की कहानी
क्या हुआ
इस चुनाव में महाराष्ट्रवादी गोमांतक सत्ता में लौटी, और उसका बहुमत घटने के बजाय बढ़ा।
महाराष्ट्रवादी गोमांतक ने 18 सीटें जीतीं — बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 2 ज़्यादा।
यूनाइटेड गोअन्स (सिकेरा ग्रुप) 10 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
क्या बदला
इन आँकड़ों में यह इस केंद्र शासित प्रदेश का सबसे हाल का चुनाव है, और इसमें पहले वाली ही कहानी आगे बढ़ी।
महाराष्ट्रवादी गोमांतक अब यहाँ लगातार 2 चुनाव जीत चुकी है — इन आँकड़ों में उसका पूरा चुनावी इतिहास।
उसकी सीटें बढ़ने के बावजूद उसके (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) 2.1 प्रतिशत अंक घटकर 38.3% रह गया।
अहम आँकड़े
इस चुनाव के कुछ आँकड़े अपने आप में ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ा मुक़ाबला पणजी, गोवा, दमन और दीव में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 225 वोट रहा।
सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला कुठ्ठाली, गोवा, दमन और दीव में रहा, जहाँ जीत का अंतर 67.1% वोट था।
इस चुनाव का सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) दमण, गोवा, दमन और दीव में रहा, 85.9%।
सबसे ज़्यादा मतदाता मोरमुगाओ, गोवा, दमन और दीव में थे — 27,962 पंजीकृत मतदाता।
पृष्ठभूमि
यही प्रतिद्वंद्वी केंद्र शासित प्रदेश के पिछले चुनाव में भी आमने-सामने थे, जो उसके भविष्य पर हुए एक ख़ास मतदान के कुछ ही समय बाद हुआ था।