मिंटो रोडमहानगर परिषद चुनाव का परिणाम, 1983
सुभाष चोपड़ा (INC) ने 1983 के महानगर परिषद चुनाव में 63.9% वोट पाकर मिंटो रोड सीट जीती और वीरेश प्रताप चौधरी (JNP) को 7,436 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 6 का नाम मिंटो रोड था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1983 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1993 से सीट नंबर 6 ओखला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुभाष चोपड़ा 41.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुभाष चोपड़ा कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 11,34563.9% |
| 2 | वीरेश प्रताप चौधरी जनता | जनता | 3,90922.0% |
| 3 | विनोद भूषण श्रीवास्तव Lok Dal | Lok Dal | 2,23512.6% |
| 4 | रघुबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1751.0% |
| 5 | मंजीत कौर निर्दलीय | निर्दलीय | 790.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और JNP को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मिंटो रोड से कौन जीता, 1977–1983
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 52.3% से घटकर 50.4% रह गया।
- 1977वीरेश प्रताप चौधरी (JNP), जीत का अंतर 5.4%
- 1983सुभाष चोपड़ा (INC), जीत का अंतर 41.9%