घोंडामहानगर परिषद चुनाव का परिणाम, 1983
कल्याण सिंह (INC) ने 1983 के महानगर परिषद चुनाव में 42.9% वोट पाकर घोंडा सीट जीती और लाल बिहारी तिवारी (BJP) को 6,713 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 34 दरियागंज थी। 1983 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1993 से सीट नंबर 34 डॉ. अंबेडकर नगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कल्याण सिंह कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 23,61142.9% |
| 2 | लाल बिहारी तिवारी | 16,89830.7% | |
| 3 | वजीर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7706.8% |
| 4 | मोहम्मद जाफर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5834.7% |
| 5 | प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6072.9% |
| 6 | शफ़ीक़ अहमद जनता | जनता | 1,4772.7% |
| 7 | देव दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4132.6% |
| 8 | रेहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 7271.3% |
| 9 | नजीर हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 5731.0% |
| 10 | सुभाष चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 4790.9% |
| 11 | मोहम्मद शफी निर्दलीय | निर्दलीय | 3270.6% |
| 12 | प्रकाश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3160.6% |
| 13 | वेद प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.5% |
| 14 | राम कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.4% |
| 15 | अंसार मोहम्मद खान शेरवानी निर्दलीय | निर्दलीय | 1910.3% |
| 16 | मास्टर गुलाम मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 1780.3% |
| 17 | शिव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.3% |
| 18 | मदन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.2% |
| 19 | हरि रमन सक्सेना निर्दलीय | निर्दलीय | 870.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.47 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
घोंडा से कौन जीता, 1977–1983
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत लगभग 1977 जितना ही रहा: 48.6%।
- 1977फतेह सिंह (JNP), जीत का अंतर 10.1%
- 1983कल्याण सिंह (INC), जीत का अंतर 12.2%