लक्ष्मीबाई नगरमहानगर परिषद चुनाव का परिणाम, 1983
अर्जुन दास (INC) ने 1983 के महानगर परिषद चुनाव में 50.7% वोट पाकर लक्ष्मीबाई नगर सीट जीती और केदार नाथ सचदेवा (BJP) को 1,828 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 2 लक्ष्मीबाई नगर थी। 1983 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1993 से सीट नंबर 2 गोल मार्केट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अर्जुन दास कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 9,97250.7% |
| 2 | केदार नाथ सचदेवा | 8,14441.4% | |
| 3 | सुमन लता निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1896.0% |
| 4 | एस.डी. शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.8% |
| 5 | वख्तावर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 970.5% |
| 6 | विजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 380.2% |
| 7 | पी.एस. शारदा निर्दलीय | निर्दलीय | 210.1% |
| 8 | बद्री प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 200.1% |
| 9 | रमेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 160.1% |
| 10 | श्याम सुन्दर निर्दलीय | निर्दलीय | 120.1% |
| 11 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 100.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लक्ष्मीबाई नगर से कौन जीता, 1977–1983
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 43.4% से बढ़कर 49.7% हो गया।
- 1977केदार नाथ सचदेवा (JNP), जीत का अंतर 33.2%
- 1983अर्जुन दास (INC), जीत का अंतर 9.3%