अशोक नगरमहानगर परिषद चुनाव का परिणाम, 1983
जगदीश मुखी (BJP) ने 1983 के महानगर परिषद चुनाव में 55.0% वोट पाकर अशोक नगर सीट जीती और ओम प्रकाश वालिया (INC) को 6,667 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 15 सुभाष नगर थी। 1983 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1993 से सीट नंबर 15 राजौरी गार्डन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगदीश मुखी | 27,95455.0% | |
| 2 | ओम प्रकाश वालिया कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 21,28741.9% |
| 3 | एम.एन. खन्ना वाम दल | वाम दल | 1,0522.1% |
| 4 | मुनि लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4350.9% |
| 5 | अलख मोहन माथुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अशोक नगर से कौन जीता, 1977–1983
BJP ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 52.9% से घटकर 48.4% रह गया।
- 1977विष्णु दत्त (JNP), जीत का अंतर 34.6%
- 1983जगदीश मुखी (BJP), जीत का अंतर 13.1%