बिल्हाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2018
धरम लाल कौशिक (BJP) ने 2018 के विधान सभा चुनाव में 43.0% वोट पाकर बिल्हा सीट जीती और राजेन्द्र शुक्ला (INC) को 26,524 वोटों से हराया।
2008 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2003 में सीट नंबर 29 तखतपुर थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
29 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | धरम लाल कौशिक NDA | NDA | 84,43143.0% |
| 2 | राजेन्द्र शुक्ला UPA | UPA | 57,90729.5% |
| 3 | सियाराम कौशिक JCC(J) | JCC(J) | 29,61315.1% |
| 4 | मनोज ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5182.3% |
| 5 | सरदार जसबीर सिंग | 4,4282.3% | |
| 6 | दिलीप कुमार कोशले निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5831.3% |
| 7 | निखादराम निषाद UPA | UPA | 1,6060.8% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,2240.6% |
| 8 | देवप्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2150.6% |
| 9 | गणेशराम जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1760.6% |
| 10 | नंद किशोर राज | 7470.4% | |
| 11 | विजय शंकर पात्रे API | API | 7180.4% |
| 12 | उस्मान खान निर्दलीय | निर्दलीय | 6840.3% |
| 13 | चन्द्रकला ढ़ीढ़ी निर्दलीय | निर्दलीय | 6370.3% |
| 14 | देवराम साहू BBHP | BBHP | 6200.3% |
| 15 | प्रमोद कुमार गढ़ेवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6160.3% |
| 16 | सतवन सिंह टण्डन निर्दलीय | निर्दलीय | 5860.3% |
| 17 | सुरेश पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 3210.2% |
| 18 | रमेश कुमार लहरे निर्दलीय | निर्दलीय | 3130.2% |
| 19 | निरंजन कुमार साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 3130.2% |
| 20 | नरेन्द्र शाण्डे JC | JC | 3110.2% |
| 21 | बी. पी. विश्वकर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2730.1% |
| 22 | राम चरण केंवट ASBAP | ASBAP | 2470.1% |
| 23 | राजकुमार नवरंग RtJP | RtJP | 2410.1% |
| 24 | विनोद कुमार साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 2330.1% |
| 25 | मनीराम घृतलहरे BSSP | BSSP | 2050.1% |
| 26 | लहरगंगा सोनी निर्दलीय | निर्दलीय | 1950.1% |
| 27 | राजकुमार यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.1% |
| 28 | लक्ष्मण दास मांडले निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.1% |
| 29 | रूपदास कुर्रे निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.09 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
बिलासपुर ज़िला · 26.6 लाख लोग · जनगणना 2011
काला चावल और मूंगफली के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू95.4%
- मुस्लिम2.2%
- ईसाई0.8%
- सिख0.2%
- बौद्ध0.1%
- जैन0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)1.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
1 प्रसिद्ध स्थानप्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिल्हा से कौन जीता, 2008–2023
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2013 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 2008 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 2013 के 76.7% से घटकर 73.7% रह गया। इसके बाद 2023 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
