साजाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
रविन्द्र चौबे (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 54.2% वोट पाकर साजा सीट जीती और दीपक साहू (BJP) को 17,742 वोटों से हराया।
2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 74 डोंगरगढ़ है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रविन्द्र चौबे 16.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रविन्द्र चौबे | 58,57354.2% | |
| 2 | दीपक साहू NDA | NDA | 40,83137.8% |
| 3 | लोधी भुवन बघेल | 2,3012.1% | |
| 4 | पं रामसेवक देशलहरा CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 2,2722.1% |
| 5 | प्रेमलाल मंडावी | 2,0261.9% | |
| 6 | मुरारी साहू | 1,5401.4% | |
| 7 | मेघा श्याम लोधी NDA | NDA | 5590.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।