भानुप्रतापपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
देवलाल दुग्गा (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 39.3% वोट पाकर भानुप्रतापपुर सीट जीती और मनोज सिंह मंडावी (INC) को 1,379 वोटों से हराया।
2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 60 डौंडी लोहारा है।
विजेता
भानुप्रतापपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,379 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देवलाल दुग्गा NDA | NDA | 40,80339.3% |
| 2 | मनोज सिंह मंडावी | 39,42438.0% | |
| 3 | विजय ठाकुर | 13,18612.7% | |
| 4 | रामेश्वर सिंह ठाकुर | 3,7873.6% | |
| 5 | भारत कुंजाम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2593.1% |
| 6 | द्वारका प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7921.7% |
| 7 | पुरूषोत्तम सिंह कुंजाम | 9130.9% | |
| 8 | अवध मांधवी निर्दलीय | निर्दलीय | 7090.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।