बलौदाबाजारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
गणेश शंकर बाजपेयी (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 20.5% वोट पाकर बलौदाबाजार सीट जीती और विपिन बिहारी वर्मा (BJP) को 309 वोटों से हराया।
2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 47 धरसीवा है।
विजेता
बलौदाबाजार का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 309 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गणेश शंकर बाजपेयी | 23,64220.5% | |
| 2 | विपिन बिहारी वर्मा NDA | NDA | 23,33320.2% |
| 3 | परमेश्वरयादु निर्दलीय | निर्दलीय | 22,81819.8% |
| 4 | पुरुषोत्तम साहू | 21,08618.3% | |
| 5 | राजकुमार पात्रे | 20,22217.5% | |
| 6 | इंजि वाल्मीकि ध्रुव | 1,5811.4% | |
| 7 | निरंजन लाल यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3781.2% |
| 8 | श्रीमती धर्मोतिन जगतपाल साहू AD | AD | 1,2061.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 61% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.35 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।