सूरजपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
शिव प्रताप सिंह (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 53.7% वोट पाकर सूरजपुर सीट जीती और भानु प्रताप सिंह (INC) को 27,511 वोटों से हराया।
2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 4 प्रेमनगर है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शिव प्रताप सिंह 28.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिव प्रताप सिंह NDA | NDA | 51,22853.7% |
| 2 | भानु प्रताप सिंह | 23,71724.8% | |
| 3 | संतलाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9,4179.9% |
| 4 | शिव बचन | 3,8764.1% | |
| 5 | सोमारू सिंह | 3,5863.8% | |
| 6 | देव नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6931.8% |
| 7 | जयनाथ सिंह | 1,1161.2% | |
| 8 | खेमराज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8400.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।