चांपाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
मोती लाल (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 42.6% वोट पाकर चांपा सीट जीती और नारायण प्रसाद (BJP) को 7,710 वोटों से हराया।
2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 36 चन्द्रपुर है।
विजेता
6.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोती लाल | 52,07542.6% | |
| 2 | नारायण प्रसाद NDA | NDA | 44,36536.3% |
| 3 | उदल | 15,00912.3% | |
| 4 | शशि | 4,6953.8% | |
| 5 | संतोष कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2271.8% |
| 6 | साहेबलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3141.1% |
| 7 | साहेब लाल साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1841.0% |
| 8 | हरिओम | 6970.6% | |
| 9 | बलराम LSWP | LSWP | 6190.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।