सरियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
डॉ. शकाजीत नायक (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 37.8% वोट पाकर सरिया सीट जीती और विराजेश्वर प्रधान (निर्दलीय) को 18,293 वोटों से हराया।
2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 19 धरमजयगढ़ है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — डॉ. शकाजीत नायक 17.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. शकाजीत नायक | 39,96237.8% | |
| 2 | विराजेश्वर प्रधान निर्दलीय | निर्दलीय | 21,66920.5% |
| 3 | जगन्नाथ पाणिग्रही NDA | NDA | 19,30518.3% |
| 4 | डॉ. परिवेश मिश्रा | 9,2358.7% | |
| 5 | नेम चन्द अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6,2455.9% |
| 6 | जवाहर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5394.3% |
| 7 | तथागत श्रीवास्तव NDA | NDA | 2,1032.0% |
| 8 | नांदे राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5631.5% |
| 9 | रोहित कुमार CSP | CSP | 5680.5% |
| 10 | दयाराम | 4300.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।