फुलवारीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2020
गोपाल रविदास (CPI(ML)(L)) ने 2020 के विधान सभा चुनाव में 43.6% वोट पाकर फुलवारी सीट जीती और अरुण मांझी (JD(U)) को 13,857 वोटों से हराया।
2010 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2005 में सीट नंबर 188 पटना पश्चिम थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोपाल रविदास CPI(ML)(L) महागठबंधन (बिहार) | CPI(ML)(L) महागठबंधन (बिहार) | 91,12443.6% |
| 2 | अरुण मांझी NDA | NDA | 77,26737.0% |
| 3 | कुमारी प्रतिभा | 5,0192.4% | |
| 4 | कमलेश कान्त चौधरी BHRTLKCHTP | BHRTLKCHTP | 3,8851.9% |
| 5 | गजेन्द्र मांझी BHRTSBLP | BHRTSBLP | 3,4801.7% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 3,2451.6% |
| 6 | शीला देवी LSWP | LSWP | 2,2831.1% |
| 7 | लक्ष्मी कुमारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1631.0% |
| 8 | अमरेंद्र कुमार SANKISVP | SANKISVP | 2,1121.0% |
| 9 | सत्येन्द्र पासवान JAPL | JAPL | 1,7670.8% |
| 10 | श्रीराज पासवान PBLBRP | PBLBRP | 1,7330.8% |
| 11 | रवि कुमार TPLRSP | TPLRSP | 1,6790.8% |
| 12 | सुरेन्द्र पासवान | 1,5850.8% | |
| 13 | प्रतिमा कुमारी (संतोष कुमार) निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1440.6% |
| 14 | धुरी दास PPID | PPID | 1,1040.5% |
| 15 | कुमार जैनेन्द्र प्रसाद BNDl | BNDl | 1,0810.5% |
| 16 | शंकर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 9980.5% |
| 17 | कैलाश पासवान RJPty | RJPty | 9680.5% |
| 18 | रामेश्वर पासवान RJBP | RJBP | 9500.5% |
| 19 | बच्चू पासवान BMUP | BMUP | 9490.5% |
| 20 | मोती राम ANC | ANC | 9090.4% |
| 21 | मनोहर प्रकाश चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 8660.4% |
| 22 | प्रतिमा कुमारी (संजय पासवान) निर्दलीय | निर्दलीय | 7300.3% |
| 23 | राधे रमन BDlP | BDlP | 6610.3% |
| 24 | सत्यम कुमार रजक BhAmAP | BhAmAP | 5320.3% |
| 25 | अमर पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 5060.2% |
| 26 | अर्जुन पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 3810.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.24 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
पटना ज़िला · 58.4 लाख लोग · जनगणना 2011
पीतल धातु शिल्प, परिधान और एक्टिव वियर तथा टिकुली चित्रकला के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू91.7%
- मुस्लिम7.5%
- ईसाई0.2%
- सिख0.1%
- जैन<0.1%
- बौद्ध<0.1%
- नहीं बताया0.4%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फुलवारी से कौन जीता, 2010–2025
CPI(ML)(L) ने यह सीट JD(U) से छीन ली, जिसने इसे 2015 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 2010 से शुरू होता है, यह CPI(ML)(L) की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2015 के 58.1% से घटकर 57.4% रह गया। इसके बाद 2025 के चुनाव में यह सीट JD(U) ने जीती।