बहेड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
अब्दुल बारी सिद्दीकी (RJD) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 44.8% वोट पाकर बहेड़ा सीट जीती और राम नारायण ठाकुर (BJP) को 7,814 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 85 मधेपुर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 85 बहादुरपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अब्दुल बारी सिद्दीकी UPA | UPA | 38,91044.8% |
| 2 | राम नारायण ठाकुर NDA | NDA | 31,09635.8% |
| 3 | एस.एम. जफर इमाम | 10,11911.6% | |
| 4 | विष्णुदेव राम IJP | IJP | 2,8053.2% |
| 5 | बिनोद कुमार राम | 2,4532.8% | |
| 6 | बिनोद यादव RVNP | RVNP | 1,5531.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
RJD, BJP और LJP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.31 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बहेड़ा से कौन जीता, 1977–2005
RJD ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 2000 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.3% से घटकर 44.8% रह गया। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 2005 (फ़रवरी) जितना ही रहा: 44.3%।
- 1977अब्दुल बारी सिद्दीकी (JNP), जीत का अंतर 17.6%
- 1980परमा नन्द झा (INC(I)), जीत का अंतर 19.3%
- 1985महेन्द्र झा आजाद (IND), जीत का अंतर 2.4%
- 1990महेन्द्र झा आजाद (INC), जीत का अंतर 11.9%
- 1995अब्दुल बारी सिद्दीकी (JD), जीत का अंतर 34.5%
- 2000अब्दुल बारी सिद्दीकी (RJD), जीत का अंतर 25.5%
- 2005 (फ़रवरी)अब्दुल बारी सिद्दीकी (RJD), जीत का अंतर 21.9%
- 2005 (अक्टूबर)अब्दुल बारी सिद्दीकी (RJD), जीत का अंतर 9.0%