लालगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
विजय कुमार शुक्ला (JD(U)) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 39.4% वोट पाकर लालगंज सीट जीती और राज कुमार साह (RJD) को 3,810 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 51 पातेपुर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 51 सिकटी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। विजय कुमार शुक्ला 4.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विजय कुमार शुक्ला NDA | NDA | 36,85239.4% |
| 2 | राज कुमार साह | 33,04235.3% | |
| 3 | भारत प्रसाद सिंह | 12,69813.6% | |
| 4 | बैधनाथ साह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3212.5% |
| 5 | रामजी राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1772.3% |
| 6 | बलिराम सहनी | 2,1642.3% | |
| 7 | राजेन्द्र शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1451.2% |
| 8 | निशांत गांधी | 1,1291.2% | |
| 9 | राकेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0881.2% |
| 10 | त्रिभुवन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 9041.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लालगंज से कौन जीता, 1977–2005
JD(U) ने यह सीट LJP से छीन ली, जिसने इसे 2005 (फ़रवरी) में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD(U) की पहली जीत थी। यह 1990 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2005 (फ़रवरी) के 50.3% से घटकर 47.5% रह गया।
- 1977अरुण कुमार सिन्हा (JNP), जीत का अंतर 45.7%
- 1980ललितेश्वर प्रसाद शाही (INC(I)), जीत का अंतर 30.6%
- 1985भारत प्रसाद सिंह (INC), जीत का अंतर 2.5%
- 1990केदार नाथ प्रसाद (JD), जीत का अंतर 3.4%
- 1995योगेन्द्र प्रसाद साहू (JD), जीत का अंतर 54.8%
- 2000विजय शुकल (IND), जीत का अंतर 39.8%
- 2005 (फ़रवरी)विजय कुमार शुक्ला (LJP), जीत का अंतर 18.1%
- 2005 (अक्टूबर)विजय कुमार शुक्ला (JD(U)), जीत का अंतर 4.1%