मैरवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
रामायण मांझी (BJP) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 34.3% वोट पाकर मैरवा सीट जीती और सत्यदेव राम (CPI(ML)(L)) को 380 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 30 दरौली थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 30 बेलसंड है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मैरवा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 380 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामायण मांझी NDA | NDA | 30,14834.2% |
| 2 | सत्यदेव राम CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 29,76833.8% |
| 3 | संजीत कुमार | 14,95417.0% | |
| 4 | चन्द्रमा प्रसाद | 3,9414.5% | |
| 5 | सच्चिदासनंद साधू IJP | IJP | 3,2843.7% |
| 6 | राम मूरत राम | 2,6773.0% | |
| 7 | नन्द किशोर राम | 1,9032.2% | |
| 8 | शर्मा नन्द राम | 1,3581.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मैरवा से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने यह सीट CPI(ML)(L) से छीन ली, जिसने इसे 2005 (फ़रवरी) में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2005 (फ़रवरी) के 43.4% से बढ़कर 48.8% हो गया।
- 1977फूलचंद राम (JNP), जीत का अंतर 58.4%
- 1980राम नारायण राम (INC(I)), जीत का अंतर 5.7%
- 1985गोरख राम (INC), जीत का अंतर 41.1%
- 1990गोरख राम (INC), जीत का अंतर 17.9%
- 1995सत्य देव राम (CPI(ML)(L)), जीत का अंतर 1.4%
- 2000सत्यदेव राम (CPI(ML)(L)), जीत का अंतर 7.0%
- 2005 (फ़रवरी)सत्य देव राम (CPI(ML)(L)), जीत का अंतर 13.7%
- 2005 (अक्टूबर)रामायण मांझी (BJP), जीत का अंतर 0.4%