भोरेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
अनिल कुमार (RJD) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 36.0% वोट पाकर भोरे सीट जीती और इन्द्रदेव मांझी (BJP) को 5,891 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 22 गोपालगंज थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 22 शिवहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अनिल कुमार UPA | UPA | 33,08135.9% |
| 2 | इन्द्रदेव मांझी NDA | NDA | 27,19029.5% |
| 3 | रामनरेश राम CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 15,38216.7% |
| 4 | ललन मांझी | 8,9789.8% | |
| 5 | सुरेन्द्र राम | 3,8384.2% | |
| 6 | मनोज कुमार | 3,5543.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.89 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.06 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भोरे से कौन जीता, 1977–2005
RJD ने 2005 (फ़रवरी) में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 38.9% से घटकर 36.0% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2005 (फ़रवरी) के 39.8% से बढ़कर 41.5% हो गया।
- 1977जमुना राम (JNP), जीत का अंतर 41.6%
- 1980अलगु राम (INC(I)), जीत का अंतर 24.7%
- 1985अनिल कुमार (INC), जीत का अंतर 11.2%
- 1990इन्द्र देव माझी (JD), जीत का अंतर 9.2%
- 1995इंद्रदेव मांझी (JD), जीत का अंतर 16.8%
- 2000आचार्य विश्वनाथ बैठा (BJP), जीत का अंतर 27.8%
- 2005 (फ़रवरी)अनिल कुमार (RJD), जीत का अंतर 19.1%
- 2005 (अक्टूबर)अनिल कुमार (RJD), जीत का अंतर 6.4%