डुमराँवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
ददन सिंह (AJVD) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 29.8% वोट पाकर डुमराँव सीट जीती और रामबिहारी सिंह (JD(U)) को 8,505 वोटों से हराया।
झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2000 में सीट नंबर 203 बख्तियारपुर थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 203 रामगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ददन सिंह AJVD | AJVD | 31,08929.8% |
| 2 | रामबिहारी सिंह NDA | NDA | 22,58421.7% |
| 3 | अनुराधा देवी | 21,73020.9% | |
| 4 | सुनील सिंह | 11,09410.6% | |
| 5 | धनंजय कुमार SBSP | SBSP | 6,4346.2% |
| 6 | सरोज चौबे CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 6,4286.2% |
| 7 | संजय कुमार सिंह | 1,9581.9% | |
| 8 | बबन पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7441.7% |
| 9 | सिद्धनाथ सिंह JKM | JKM | 1,1281.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डुमराँव से कौन जीता, 2005
AJVD ने यह सीट SP से छीन ली, जिसने इसे 2005 (फ़रवरी) में जीता था। मतदान प्रतिशत 2005 (फ़रवरी) के 52.9% से घटकर 50.8% रह गया।
- 2005 (फ़रवरी)ददन सिंह (SP), जीत का अंतर 8.7%
- 2005 (अक्टूबर)ददन सिंह (AJVD), जीत का अंतर 8.2%